उत्तर भारत में नशे की समस्या का बढ़ता स्वरूप

Short info :- भारत में ड्रग्स की समस्या का फैलाव छोटे-छोटे गांव से लेकर बाहर नगर उत्तक मे यह कहना असंगत ना होगा कि समूचा देश इस समस्या से आच्छादित है यह समस्या किसी वर्ग विशेष से जुड़ी नहीं है गरीब मध्यम एवं इजाद सभी वर्गों में टैक्स का चालान है किसी के लिए यह

मौज मस्ती का साधन एवं स्टेट्स सिंबल है तो किसी के लिए थकान मिटाने का कोई सफलता और हताशा को मिटाने के लिए ट्रक्स की ओर उन्मुख होता है तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो युवा वर्ग ड्रग्स की गिरफ्त में कुछ ज्यादा है

ड्रग्स के सेवन से नशे की लत को पूरी करना भारत की एक प्रमुख एवं व्यापक समस्या है इस समस्या में जहां परिवार विकसित होता है वही समाज संक्रमित होता है तो राष्ट्र कमजोर होता है यह मात्र एक सामाजिक समस्या ही नहीं अपितु चिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक समस्या भी है यह सी दलदल है,

जिसमें देने वाला खुद तबाह होता है ऐसा कि उसका परिवार भी तबाह होता है इसके दुष्प्रभाव से उस व्यक्ति को दबा नहीं करते जो शादी होता बल्कि वे परिवार समाज और राष्ट्र को भी जर्जर करते हैं यही कारण है कि राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए उसे मुक्त रखना अनिवार्य है यानी कि,

जीवन में अंधेरा दूसरी डिस्ट्रक्शन यानी बर्बादी मोड पर पहुंचना देवास्टेशन संपूर्ण रूप से बचाने के लिए ही इंडिया का सपना देखा है और इस सपने को साकार करने के लिए मजबूत पर शुरू हो चुकी है स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया का वाहन कर अपने मन की बात देशवासियों से

युवा वर्ग दृष्टि अंधेरी गलियों में कई कारणों से प्रवेश करता है कभी उसका कारण जीवन के एकाकीपन होता है तो कभी भावनात्मक असुरक्षा पर माता-पिता से मिलने वाले प्यार में कमी घरेलू कला जीवन की असफलताएं विभिन्न कारणों से मिलने वाला तनाव गलत संगत एक अनूठे

आनंद की अनुभूति की ललक पश्चिमी सभ्यता का भाव समस्याओं से निजात की साड़ी अनुभूति मित्रों का दबाव या दुष्परिणाम में मुख्य कारण है जो युवकों तथा कभी-कभी अक्षय को नशे का आदि बना देते हैं इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान में सब लोग भी अपना धंधा चमकाने के लिए युवकों को गुमराह करते हैं

एक्सकैवेशन की अनेक दुष्परिणाम सामने आए हैं इन्हें व्यसनी खुद को भुगतना है उसका परिवार भी बर्बाद होता है समाज और राष्ट्र भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होता है ट्रक्स का दलदल इतना खतरनाक होता है किस दलदल में फंसने वाला व्यक्ति कहीं का नहीं रहता वह

शारीरिक आर्थिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर दवा हो जाता है एक बार ड्रेस काव्य नहीं होने पर वह अल्लाह छुट्टी नहीं है और इस लत का शिकार व्यक्ति जब आर्थिक रूप से खोखला हो जाता है तब नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी की दूरी से अपराध करता है

जोक्स का एक घातक पक्ष यह भी है कि से प्राप्त होने वाला पैसा उन आतंकवादियों के पास पहुंचता है जो खुरिंजी इसमें आगे तथा शांति एवं स्थिरता फैलाने की आतंकवाद का सहारा लेते हैं यह एक रेखांकित करना आवश्यक है संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार विगत वर्षों में पाकिस्तान

विश्व में हीरोइन ब्राउन शुगर एवं हशीश के सबसे बड़े उत्पादक व वितरण के रूप में विकसित हुआ है पाकिस्तान में राजनेता से लेकर बड़े-बड़े फौजी अधिकारी मीटर्स की तस्करी में सहयोग देते हैं यह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ाने में आतंकवादियों

को देने में किस कदर आगे यह कहना होगा कि आतंकवादी जो गोली आते हैं बस के पैसे से खरीदी जाती है इस प्रकार के वनों से प्राप्त होने वाला परोक्ष रूप से आतंकवादियों तक पहुंचता है जिससे खरीदे गए अरब शस्त्रों से खून की होली खेलते हैं

हमारी सरकार ड्रेस की समस्या को रोकने के लिए कानूनी स्तर पर प्रयासरत रहिए संविधान के अनुच्छेद 47 के अनुसार से किस चिकित्सा ही प्रयोग के अतिरिक्त स्वास्थ्य के लिए हानि प्रद मादक पदार्थों वस्तुओं के उपयोग को निश्चित करने के लिए वर्ष 1985 में नसीर इतिहास

उत्तर भारत में नशे की समस्या का बढ़ता स्वरूप

एवं मनो कार पदार्थ कानून लागू किए जाने के साथ ही मादक पदार्थों का सेवन करने वालों की पहचान इलाज शिक्षा बीमारी के बाद एक नवा समाज स्थापना के लिए प्रयास किए गए तथा बी के सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं हुए ड्रेस की समस्या विकराल होती चली गई

वस्तुतः ड्रेस की समस्या कैसी समस्या है जिससे सिर्फ कानून बनाकर नहीं निपटा जा सकता यह कैसी समस्या जिस के निवारण के लिए विभिन्न प्रयासों के साथ-साथ पारिवारिक एवं सामाजिक स्तर के प्रयासों की जरूरत है परिवार में माता-पिता का यह दायित्व बनता है कि

अपने बच्चों को भटका वह भ्रम से बचाने के लिए उन्हें देव आदि बनाए थे की तरफ बढ़ने में बच्चों की भरपूर मदद करें ऐसा इसलिए आवश्यक है क्योंकि जब जीवन में कोई लक्ष्य दे नहीं होता तो जीवन में एक प्रकार की रिश्तेदार जाती है इस अवस्था में जीवन वृक्ष का प्रवेश आसान हो जाता है,

अभिभावकों को यह दायित्व बनता है कि वह जीवन की भाग दौड़ में समय निकालें और अपना समय बच्चों को देन बच्चों के साथ बैठकर सिर्फ उनकी लैंगिक अलौकिक प्रगति पर चर्चा ना करें अभी उनके मन में भी झांकियों ने भरपूर भावनात्मक साथ ऐसा करके अभिभावक बच्चों के पढ़ने के लिए रोक सकते हैं

ड्रग्स की समस्या के निवारण में समाज की भी भूमिका हो सकती है समाज के जिम्मेदार लोगों का यह दायित्व बनता है कि वे ट्रक्स के दर्शन यों की उपेक्षा ना करें और ना ही उन्हें समाज से बहिष्कृत करें ऐसे लोग सहानुभूति के पात्र होते हैं अतः सहानुभूति पूर्वक उन्हें बदलाव लाने तथा उन्हें सही मार्ग पर लाने की चेष्टा करें

खेल शिक्षा संस्कृति धर्म मीडिया राजनीति एवं क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों का यह दायित्व बनता है कि इस संदर्भ में जनजागृति लाने का काम करे लोगों को टर्न शिव पुराण से बचने का संदेश दें इससे एक सकारात्मक वातावरण तैयार होगा जो समस्या पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध

ड्रग्स फ्री इंडिया के स्वप्न को साकार करने के लिए आज समग्र प्रयासों की आवश्यकता है व्यक्ति को स्वयं उसके परिवार यार दोस्तों समाज सरकार और कानून सभी को मिलाकर इस दिशा में काम करना होगा किसी भी व्यक्ति को नशे की लत से बाहर लाना असंभव नहीं यह थोड़ा मुश्किल जरूर है,

यदि समग्र प्रयास किए जाएं तो यह काम आसान हो सकता है हमारे समक्ष ऐसे अनेक उदाहरण हैं जिससे पता चलता है कि व्यसनी नशे की लत से बाहर आए और उन्होंने एक अच्छा नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया यकीनन एक मजबूत भारत के लिए आवश्यक है कि हम भारत को ड्रग्स मुक्त देश बनाएं के पहला शुरू से ही हो चुकी है नहीं सुबह करीब है,

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