क्या स्लम स्वच्छ भारत मिशन के लिए समस्या बन गए हैं

Short info :- कैसा विरोधाभास है कि एक तरफ तो हम मलिन बस्ती मुक्त स्वच्छ भारत का सपना देख रहे हैं तो दूसरी तक हमारे देश में मलिन बस्तियों और इनसे जुड़ी समस्याओं का विस्तार बढ़ता ही जा रहा है भारत में मलिन बस्ती की समस्या मुख्यता बढ़ते हुए नगरीकरण की देन है,

नगरीकरण के फल स्वरुप बड़े पैमाने पर ग्रामीण जनसंख्या का शहरों की तरह पलायन होता है जैसे शहरों में नई नई बस्तियां अस्तित्व में आती हैं बल्कि पहले से अस्तित्व अस्तित्व एवं विस्तारित होती हैं स्पष्ट है कि शहरीकरण की चुनौतियों में से मलिन बस्ती की चुनौती भी एक है,

जैसे जैसे शहरीकरण बड़ा वैसे वैसे मलिन बस्तियां भी बढ़ती गई जिनका कारण जनसंख्या कार्य में मलिन बस्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जैसा कि हम शुरू में रेखांकित कर चुके मलिन बस्ती की समस्या मुख्यता नगरीकरण से जुड़ी समस्या है किंतु इसके अलावा भी समस्या को बढ़ाने के लिए कुछ हमारे देश में विद्यमान है

तमाम कोशिशों के बावजूद देश में सभी स्पष्ट सीता जैसी सामाजिक बुराई का संबंध तौर पर नहीं हो पाए इस कारण से भी मलिन बस्तियों की सघनता बड़ी है आज भी मलिन बस्तियों में बड़ी संख्या में ऐसे कुनबे शरण ले रहे हैं जो संस्कृत सदा का शिकार होने के कारण समाज की मुख्यधारा से ,

कटे मलिन बस्तियों को बढ़ाने में सरकारी नीतियों की कम दोष नहीं है अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नीतियां होने के कारण सुधार के कार्यक्रमों में एकरूपता नहीं आ पाती निजी क्षेत्रों के श्रमिक भी मलिन बस्तियों में शरण लेने को मजबूर हैं क्योंकि कामगारों के लिए आवास की सुविधा क्षेत्र,

मयस्सर नहीं करवाते हैं सरकारें भी इस दिशा में प्रयासरत नहीं दिखती सरकारें कभी भी निजी क्षेत्रों को इस दिशा में प्रेरित नहीं करती वह अपने कामगारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराएं यदि सरकार निजी क्षेत्रों पर दबाव बनाए ,

तो मलिन बस्तियों के बढ़ते छेत्रफल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है सरकारी सुस्ती का आलम यह है कि वह अपने ही कर्मचारियों को आवास की सुविधा नहीं मियां करवा पाती है नतीजतन बड़ी संख्या में सरकारी मुलाजिम भी मन में रहने को विवश होते हैं

की मलिन बस्तियां समस्याओं की परियां होती हैं अतः इनके तो सुबह भी व्यापक होते जो कि राष्ट्रीय प्रगति में बाधक सिद्ध होते हैं जो लोगों के इन मलिन बस्तियों में रहते हैं वह बुनियादी सुविधाओं सुविधाओं से वंचित हैं मलिन बस्तियों के निवासियों के पास ना तो रहने की पर्याप्त जगह होती है,

ना यहां की स्थितियां स्वास्थ्य पर भी होती है या रहने वाले नारकीय जीवन गुजारते हैं पीने का साफ पानी पी उपलब्ध नहीं होता है सफाई की समुचित व्यवस्था ना होने के कारण गंदगी और जलभराव की समस्या हमेशा बनी रहती है जल विकास की सुविधाएं न होने तथा पूरा करना उठने के कारण आए,

क्या स्लम स्वच्छ भारत मिशन के लिए समस्या बन गए हैं

दिन संक्रमित बीमारियां फैलती रहती है बीमारी और कुपोषण के शिकार हुआ करते हैं यही कारण है कि मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों में बाल मृत्यु दर उन इलाकों की तुलना में 3 गुना ज्यादा है यहां साफ-सुथरे आवास और पर्यावरण होता है या रहने वाले बच्चों के खेलने कूदने के लिए तो पार को देना

विडंबना यह है कि तकरीबन आंधी मलिन बस्तियां भारतीय सरकारी कागजों पर दर्द नहीं होता तभी नहीं सरकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभ भी वंचित रह जाते हैं

हमारी सरकार मलिन बस्ती मुक्त भाग दिशा में तत्पर है मलिक बच्चों की समस्याओं को ध्यान में रखकर वर्ष 1996 में राष्ट्रीय सलाम विकास कार्यक्रम का सूत्रपात किया गया जिसके तहत जल निकासी सीवर सिस्टम तेजल आदि सुविधाओं को यहां उपलब्ध कराएगी

मलिन बस्ती मुक्त भारत के निर्माण हेतु समग्र प्रयासों की आवश्यकता है सरकार की उन कारणों पर भी ध्यान देना होगा जिसकी वजह से मैं बस्ती की समस्या बढ़ी है इसके लिए सबसे पहले ग्रामीणों का शहर की तरफ पलायन रोकना होगा उपाय सुनिश्चित करने होंगे ,

कि ग्रामीणों को रोजगार से अधिक से अधिक अवसर मिले इसके लिए योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाना होगा साथ ही कुटीर उद्योग फूड प्रोसेसिंग मछली पालन पशुपालन ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर सृजित किए जा सकते हैं इससे पलायन रुकेगा,

और शहर में मलिन बस्ती की समस्या पर अंकुश लगेगा सरकार यदि शहरी गरीबों को आवास के लिए किफायती दरों पर जमीन मुहैया कराएगी तो सभी मलिन बस्ती की बसावट पर नियंत्रण लग सकती है इसके अलावा सरकार को स्वयं या प्रयास करने होंगे कि उसके कर्मचारी मलिन बस्तियों में ना रहे ,

इसके लिए सरकार को अपने कर्मचारियों को आवास की सुविधा देनी होगी इस बात का होगा कि वे अपने कर्मचारियों को आवास की सुविधा दें इस समस्या से निपटने की भागीदारी को भी बढ़ाना होगा इसके अलावा समस्याओं को समझ पाया जा सकता है,

Read also :- क्या उत्तर प्रदेश एक पुलिस राज्य में बदल गया है

beylikdüzü escortbursa escortizmit escortankara escortshell downloadescort bursaaydınlı escortantalya escort bayanfake porn movieantalya escorthacklinkkocaeli escortizmit escortizmit escortescort bayankocaeli escortgebze escort1xbet