क्या टेक्नोलॉजी विद्यालय की जगह ले सकती है?

आज की इस आर्टिकल में हम विद्यालय के ऊपर निबंध लिखना सीखेंगे। हमारा विद्यालय सबसे सुन्दर
है और मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगता है की मेरा विद्यालय मेरे घर से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर परता है।
इसलिए हमारे विद्यालय से रोज एक बड़ी पीले रंग की स्कूल बस हमे लेने आती है। मेरी माँ मुझे रोज
बस में बिठा कर स्कूल भेजती है। 
मेरा विद्यालय शहर की भीड़भाड़ से बहुत दूर एकांत स्थल पर है। जहां पर किसी भी प्रकार के शोर-
शराबा नहीं होता है और यह अच्छा भी होता है क्योंकि पढ़ाई के लिए शांति बहुत आवश्यक होता है।
मेरा विद्यालय बहुत बड़ा है। इसके चारों ओर ऊंची दीवारें भी हैं। 
मेरा विद्यालय में 3 मंजिल इमारत है।  जिसमें 60 हवादार कमरे हैं। इन कमरों की चपरासी द्वारा रोज
सफाई की जाती है।  जिससे हम स्वच्छ माहौल में पढ़ाई कर पाते हैं।  मेरा विद्यालय कक्षा 5 से कक्षा 12
तक का है। कक्षा  9 में पढ़ता हूं मेरा कक्षा विद्यालय के द्वितीय मंजिल पर है। विद्यालय में जल की
व्यवसाय के लिए पांच वाटर कूलर लगे हुए हैं।  जिनसे हमें गर्मियों में ठंडा पानी मिलता है और साधारण
पानी के लिए पानी की 5 बड़ी टंकी है। 
मेरा विद्यालय के दोनों तरफ छात्र छात्राओं के लिए अलग-अलग 12 शौचालय की व्यवस्था है।  विद्यालय
में एक बड़ी लाइब्रेरी है। जिसमें हम हर रोज जाकर पत्र पत्रिकाएं एवं समाचार कहानियों की किताबें पढ़ते
हैं। आजकल कंप्यूटर का युग है। इसलिए हमारे विद्यालय में 150 कंप्यूटरों की एक बड़ी लैब है। जिसमें
हर दिन हमारा एक पीरियड कंप्यूटर से संबंधित आता है। जिसमें हम लोगों को कंप्यूटर सिखाया जाता
है। 
मेरे विद्यालय में शिक्षकों के बैठने के लिए एक स्टाफ रूम है। जिसमें सभी छात्राएं बैठकर आपस में
विचार विमर्श करते हैं।  यहां पर एक अन्य बड़ा कमरा भी है। जहां पर विद्यालय का ऑफिशियल वर्क
देखा जाता है। वहां से किसी भी प्रकार की विद्यालय के बारे में जानकारी ली जाती है। हमारे विद्यालय
में प्रवेश करते ही मां सरस्वती का मंदिर भी है। जिसमें हर रोज जाकर प्रार्थना करते हैं और मां सरस्वती
का आशीर्वाद लेकर अपनी पढ़ाई शुरू करते हैं। 
हमारे विद्यालय में बैठने के लिए प्रत्येक कक्षा में टेबल और कुर्सी की व्यवस्था की गई है। और गर्मियों
में हवा के लिए प्रत्येक वर्ग में पंखे लगे हुए हैं। हर कक्षा के बाहर छोटा कूड़ेदान रखा गया है। ताकि हम
क्लास का कूड़ा कूड़ा दान में डाल सके जिससे विद्यालय में गंदगी नहीं फैलती है। 
प्रत्येक कक्षा में एक बड़ा ब्लैक बोर्ड है। जहां पर हमारे अध्यापक, अध्यापिकाएं आकर हमें किसी भी
विषय के बारे में चाक से लिखकर समझाते है। विषय में प्रत्येक विषय समझने में बहुत आसानी होती
है। हमारे विद्यालय में कुल 60 अध्यापक – अध्यापिकाओं है। जो कि प्रत्येक कक्षा में अलग-अलग विषय

पढ़ाते हैं। वह अपने विषय में विद्वान है।  जिस कारण हमें हर विषय बड़े ही सरलता से समझ में आ
जाता है। Mera Vidyalaya में प्रत्येक सप्ताह योगा की क्लास भी लगती है। जिसमें में योगा करना
सिखाया जाता है और हमारे स्वास्थ्य को कैसे अच्छा रखना है यह बताया जाता है। योगा से हमारे तन-
मन में चुस्ती और स्फूर्ति बनी रहती है जिससे हमारा पढ़ाई में मन लगा रहता है। 
विद्यालय के प्रधानाध्यापक बहुत ही शांत पूर्वक और अच्छे व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं। वह हमें हमेशा कुछ
नया सीखने ओर करने की सलाह देते हैं। और रोज हमे प्रार्थना में एक शिक्षाप्रद कहानी सुनाकर हमें
प्रेतित करते है। उन्होंने जब से हमारे विद्यालय में कार्यभार को संभाला है। शिक्षा की गुणवत्ता में काफी
सुधार हुआ है। और साथ ही विद्यालय की प्रतिष्ठा भी काफी बढ़ गई है। मेरे विद्यालय में आठ चपरासी
हैं और एक दरबान है । विद्यालय के चपरासी के छोटे मोटे काम देखते है। जैसे अध्यापक, अध्यापिकाओं
को पानी, चाय देना स्कूल की सफाई करना आदि है। दरबान स्कूल में आने वाले हर एक विद्यार्थी के
लिए दरवाजा खोलते हैं। और ध्यान रखते हैं कि कोई अन्य व्यक्ति स्कूल में प्रवेश ना कर सकते। 
वे हमें रोज स्कूल बस से उतरते हैं। हमने उनका नाम रामू काका रख रखा है। वह हमें कभी-कभी
टोफियाँ भी बांटते है वे हमसे बहुत प्यार करते है मेरे विद्यालय के आगे छोटे-छोटे चार बच्चे हैं। जिनमें
छोटी छोटी घास लगी हुई है। और अनेक प्रकार के फूलों के पौधे लगे हुए हैं जिनसे मनमोहक खुशबू
आती है। और यह देखने में बहुत ही जादा सुंदर लगता हैं। यह बगीचा विद्यालय की सुंदरता में चार
चांदे लगा देता हैं। 
हमारे विद्यालय के पीछे की ओर एक बहुत बारी ग्राउंड है। जिसमें हम सारे विद्यार्थी खेलते हैं। यही पर
हमारा प्रार्थना स्थल है। जहां पर हम सुबह प्रार्थना करते है। विद्यालय के ग्राउंड के चारों ओर बड़े-बड़े
पेड़ लगे हुए हैं और साथ ही विद्यालय के ग्राउंड पर छोटी छोटी घास भी लगी हुई है। इससे हमारे
विद्यालय का वातावरण बहुत ही अच्छा रहता है। यह देखने में भी बहुत जादा सुंदर लगता है। हमारे
विद्यालय में प्रत्येक सप्ताह है कोई ना कोई प्रतियोगिता होती रहती है। जैसे चित्रकला, वाद-विवाद,
कविताएं आदि की प्रतियोगिता होती रहती है। जिससे हम बढ़-चढ़कर भाग लेते है। हमारे विद्यालय में
कुछ बड़ी संस्थाओं द्वारा भी प्रतियोगिताएं रखी जाती है। जिसमें से एक प्रतियोगिता में मैंने भाग लिया
था। 
वह प्रतियोगिता सुंदर डिजाइन तैयार करने की थी। मैंने उस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था। उस
दिन मुझे स्टेज पर बुलाकर सभी विद्यार्थियों के सामने गोल्ड मेडल दिया गया था। यह मेरे लिए बहुत
बड़े सम्मान की बात थी और मेरे विद्यालय के लिए भी, मेरे विद्यालय का मैदान बड़ा होने के कारण
खेलकूद की जिला स्तरीय प्रतियोगिता हमारे विद्यालय में ही होती है। यहा पर हमारे विद्यालय के
विद्यार्थी विचार लेते हैं। जो कि हर बार पुरस्कार भी लेते है। मेरे विद्यालय में हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट,
कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल आदि की प्रतियोगिताएं होती है। Mera Vidyalaya में हर साल 15 अगस्त, 26
जनवरी, वार्षिक उत्सव और अन्य जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते है जिनमें हम बढ़ चढ़कर हिस्सा
लेते हैं। 15 अगस्त और 26 जनवरी के दिन हमारे विद्यालय में एन.सी.सी. के विद्यार्थी परेड करते हैं।

इसके बाद हमारे विद्यालय की प्रधानाचार्य हमारे देश का तिरंगा झंडा फहराते है। इसके बाद हमारे देश
का राष्ट्रगान गाया जाता है और इसके पश्चात देशभक्ति गानों पर तरह तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम
होते है। 
विद्यालय के वार्षिकोत्सव के दिन भी बहुत सारे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। इसके साथ ही स्कूल में
प्रथम आए विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए जाते है।  मैं हर बार वार्षिक उत्सव में गीत गायन में हिस्सा
लेता हूं जिसमें हम सबसे पहले मां सरस्वती की वंदना करते हैं इसके पश्चात अन्य कार्यक्रम होते है। मेरे
विद्यालय का परिणाम हर बार शत-प्रतिशत ही रहता है जिसके कारण हमारा विद्यालय हमारे शहर का
जाना-माना विद्यालय बन गया है. यहां के शिक्षक गण भी बहुत ही विद्वान और अच्छे व्यक्तित्व के है।
मेरा विद्यालय सभी विद्यालयों में श्रेष्ठ हैं और मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं एक अच्छे विद्यालय में
पढ़ता हूं. यहां पर हमें अच्छी शिक्षा मिलती है और अपना अच्छा भविष्य बनाने के लिए एक अच्छा
स्कूल बहुत जरूरी है। 
निष्कर्ष 
हमारे विद्यालय के शिक्षक बहुत ही अनुभवी और योग्य है। शिक्षकों और हमारी प्राचार्या के नेतृत्व में
हमारा विद्यालय लगातार उन्नति कर रहा है। आशा करते हैं आपको मेरा विद्यालय पर निबंध हिन्दी में
अच्छा लगा होगा। अगर अच्छा लगा हो तो हमे कमेंट मे बताना मत भूलिए।